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CONTRIBUTION OF FATAH SINGH 

TO

Veda Study

 

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Wadhva on Fatah Singh

Introduction

Rigveda 6.47.15

Atharva 6.94

Aapah in Atharvaveda

Single - multiple waters

Polluted waters

Indu

Kabandha

Barhi

Trita

naukaa

nabha

Sindhu

Indra

Vapu

Sukham

Eem

Ahi

Vaama

Satya

Salila

Pavitra

Swah

Udaka

 

Word Nabha (literal meaning – sky) happens to be one of synonyms for water in vedic glossary. It can be derived from root ‘bhava’, meaning which does not take part in transitory events. Therefore, it may be symbolic of those life forces/waters which are free from vices.

First published on interent: 13-3-2008 AD( Faalguna shukla shashthee, Vikrama samvat 2064)

वेद में उदक का प्रतीकवाद

- सुकर्मपाल सिंह तोमर

(चौधरी चरणसिंह विश्वविद्यालय, मेरठ द्वारा १९९५ में स्वीकृत शोध प्रबन्ध )

नभ

स्व: और स्वस्ति जिस द्वन्द्वातीत सत्ता के बोधक हैं, उसी का द्योतक 'भवति' का निषेध करने वाला उदक नाम 'नभ' है ' भवतीति नभ: ' के अनुसार यह निर्विकार प्राणोदक का नाम है योग की घर्ममेघ समाधि के बोधक पर्जन्य द्वारा वह र्ष्यम्(ऋग्वेद .८३.) और वरेण्यं( ऋग्वेद .१२.) है , नामरूपात्म सृष्टि के रूप पक्ष का हिंसक है( . .७१.१०), ऊर्जा - पति( . .४१.१२) और कर्षणशील होने से कृष्ण कहलाता है ( . .१२.) नभ नामक प्राणोदक आत्मा से युक्त(आत्मन्वत्) और पूर्वोक्त घृत तथा पयः का दोहन करने वाला तथा 'ऋतस्य नाभि:' और अमृत रूप में जन्मने वाला ( . .७४.), 'दिव्य सद्म' ( उदक नाम ) और महान् हवि: ( . .८३.) है अन्यत्र नभ: के लिए उदकनामों में परिगणित 'अर्ण:' और 'रयिः' शब्द भी प्रयुक्त हुए हैं ( . .९७.२१) नभ नामक प्राणोदक एक ऐसा दिव्य तत्त्व है जहां इन्द्र, हवि, घृत( दोनों उदक नाम) आदित्यों, वसुओं, मरुतों तथा विश्वेदेवों से युक्त होकर पहुंचता है ( यजुर्वेद .२२)

 

This page was last updated on 07/27/10